समाज का ऋण चुकाना. माता, पिता, गुरू, दोस्त, गुरूकुल, विद्यालय, समाज, रिश्तेदार, अच्छे लोगो की कृपा और सहयोग से मनुष्य अपनी जीवन यात्रा में उन्नति और वृद्धि करता है. दान देने वाला समाज, सृष्टि और परमेश्वर के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करता हैं।
बड़प्पन अमीरी में नहीं,
इमानदारी और सज्जनता में सन्निहित है !!